Property Rules : प्रॉपर्टी को लेकर कई नियम और कानून बनाए गए हैं। आप अभी जिस घर या फ्लैट में रह रहे हैं, वह या तो फ्रीहोल्ड होगा या फिर लीजहोल्ड। आमतौर पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद जैसे शहरों में ज्यादातर फ्लैट लीजहोल्ड पर बेचे जाते हैं। फ्लैट खरीदने वाले कई लोगों को यह नहीं पता होता कि उनका फ्लैट लीज पर है। इससे भी बड़ी बात यह है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं होती कि लीज खत्म होने के बाद उनके फ्लैट का क्या होगा? यहां हम इस बड़े और अहम सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश करेंगे कि लीज खत्म होने के बाद आपके फ्लैट का क्या होगा?
लीज पर खरीदी गई प्रॉपर्टी की अवधि 30 साल से 99 साल के बीच होती है। रिहायशी फ्लैट की लीज आमतौर पर 90 साल से 99 साल के बीच होती है। जब कोई बिल्डर आपको लीज पर फ्लैट बेचता है, तो फ्लैट खरीदने वाले के पास उस फ्लैट का मालिकाना हक तभी तक होता है, जब तक लीज जारी रहती है। लीज खत्म होने के बाद उस फ्लैट पर असली हक उस जमीन के मालिक यानी बिल्डर का हो जाता है। मान लीजिए, आपने ग्रेटर नोएडा में साल 2025 में 99 साल की लीज पर 1 करोड़ रुपये में फ्लैट खरीदा है। अब आपके फ्लैट की लीज साल 2194 में खत्म हो जाएगी। 2194 तक उस फ्लैट पर आपका पूरा हक है। लेकिन 2194 में लीज खत्म होने के बाद उस फ्लैट पर आपका मालिकाना हक भी खत्म हो जाएगा। लीज खत्म होने के बाद बिल्डर आपके फ्लैट के साथ कुछ भी कर सकता है।
लेकिन इसमें ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। दरअसल, सरकार समय-समय पर कई ऐसी योजनाएं चलाती है, जिसमें लीज होल्ड प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड में बदला जा सकता है। इसके लिए आपको एक शुल्क देना होता है। इस नियम के तहत, जब आपके फ्लैट की लीज खत्म हो जाती है, तो आपका फ्लैट लीज होल्ड से फ्री होल्ड हो जाता है। इसके अलावा, प्रॉपर्टी की लीज बढ़ाने की भी योजनाएं हैं और इसके लिए भी आपको एक शुल्क देना होता है।





