Allahabad HC Cancels Neet 2025 Admission : इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला चार मेडिकल कॉलेजों में नीट-2025 दाखिले रद्द.

Allahabad HC Cancels Neet 2025 Admission : इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए अंबेडकरनगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नीट-2025 के तहत हुए दाखिले रद्द कर दिए हैं।

इन मेडिकल कॉलेजों में आरक्षित वर्ग के लिए 79 प्रतिशत से अधिक सीटें आरक्षित हैं। न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जारी विशेष आरक्षण संबंधी शासनादेश आरक्षण अधिनियम 2006 के विरुद्ध हैं।

उच्च न्यायालय ने यह आदेश दिया

इस पर राज्य सरकार ने अनुरोध किया कि इन मेडिकल कॉलेजों में सीटें वर्तमान फॉर्मूले के अनुसार भरी गई हैं।

न्यायालय इससे संतुष्ट नहीं हुआ और उसने आरक्षण संबंधी शासनादेश रद्द कर दिया और आदेश दिया कि आरक्षण अधिनियम 2006 का कड़ाई से अनुपालन करते हुए नए सिरे से सीटें भरी जाएँ।

यह निर्णय न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने नीट अभ्यर्थी सबरा अहमद की याचिका पर पारित किया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मोतीलाल यादव ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता ने नीट-2025 परीक्षा दी थी, जिसमें उसे 523 अंक मिले थे और उसकी अखिल भारतीय रैंक 29,061 थी।

पचास प्रतिशत से अधिक आरक्षण का कारण

कहा गया कि 20 जनवरी 2010, 21 फरवरी 2011, 13 जुलाई 2011, 19 जुलाई 2012, 17 जुलाई 2013 और 13 जून 2015 के सरकारी आदेशों के माध्यम से इन मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण की सीमा 79 प्रतिशत से अधिक कर दी गई थी, जो 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक आरक्षण न होने के स्थापित सिद्धांत के स्पष्ट रूप से विपरीत है।

इन मेडिकल कॉलेजों में राज्य सरकार के कोटे की कुल 85-85 सीटें हैं, जबकि अनारक्षित वर्ग के लिए केवल सात-सात सीटें रखी गई हैं। राज्य सरकार और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने याचिका का विरोध किया।

दलील दी गई कि इंदिरा साहनी मामले में शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि 50 प्रतिशत की सीमा अंतिम नहीं है, इससे अधिक आरक्षण दिया जा सकता है।

हालांकि, अदालत इस दलील से सहमत नहीं हुई और कहा कि नियमों का पालन करते हुए ही इस सीमा को बढ़ाया जा सकता है।

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