वित्त वर्ष 2025 के बजट में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने नए टैक्स सिस्टम को और सरल और आकर्षक बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि अब 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर किसी प्रकार का इनकम टैक्स नहीं देना होगा — वह भी बिना किसी छूट या डिडक्शन के। इससे मध्यम वर्ग के लिए टैक्स भरने का झंझट काफी कम हो गया है। लेकिन इसका एक दूसरा पहलू भी है: क्या इससे पुराने टैक्स सिस्टम के फायदेमंद विकल्प अब अप्रासंगिक हो गए हैं, खासकर होम लोन जैसी योजनाएं?
नए टैक्स सिस्टम में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि इसमें टैक्स छूट की परंपरागत व्यवस्था को लगभग खत्म कर दिया गया है। सेक्शन 80C के तहत मिलने वाले लाभ — जैसे पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) — और सेक्शन 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली राहत अब इस नए सिस्टम में मान्य नहीं है।
होम लोन धारकों के लिए नया टैक्स सिस्टम:
पहले, घर के लिए लिए गए लोन पर सालाना 2 लाख रुपये तक का ब्याज टैक्स फ्री होता था और प्रिंसिपल अमाउंट पर भी 1.5 लाख रुपये की छूट मिलती थी। ये छूट उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद थी जो घर खरीदने के साथ-साथ टैक्स बचाने की भी योजना बना रहे थे।
लेकिन अब, नए टैक्स सिस्टम में खुद के उपयोग के मकान पर होम लोन के ब्याज की कोई छूट नहीं मिलती। हां, अगर मकान को किराए पर दिया गया है, तो उस किराये की आमदनी तक ही ब्याज की कटौती की जा सकती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी को किराए से 1 लाख रुपये की आय होती है और ब्याज में 5 लाख रुपये सालाना खर्च होता है, तो सिर्फ 1 लाख रुपये की कटौती मिलेगी। बाकी 4 लाख को भविष्य में उस प्रॉपर्टी की लागत में जोड़ा जा सकता है, जिससे बाद में पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) कम हो सकता है।
कब फायदेमंद है पुराना टैक्स सिस्टम?
यदि आपकी सालाना आय 14 लाख रुपये से अधिक है और आप होम लोन, HRA, PPF, NPS जैसी पूरी छूट का लाभ उठाते हैं, तो पुराना टैक्स सिस्टम आपके लिए ज्यादा किफायती हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस आय वर्ग में 5.74 लाख रुपये या उससे अधिक की कुल टैक्स छूट ली जा रही है, तभी पुराना सिस्टम नए की तुलना में बेहतर होगा।
20 लाख रुपये की सालाना आय पर यह सीमा करीब 7.6 लाख रुपये की हो जाती है। यानी अगर टैक्स बचाने के विकल्प पर्याप्त हैं, तो पुराना टैक्स सिस्टम ज्यादा फायदा देगा।
नए टैक्स सिस्टम का लाभ किन्हें?
जिनकी आय कम है या जो टैक्स छूट का ज्यादा लाभ नहीं उठाते, उनके लिए नया टैक्स सिस्टम बेहतर विकल्प बनकर सामने आया है। इसमें न केवल टैक्स भरने की प्रक्रिया आसान हो गई है, बल्कि क्लेम करने के दस्तावेज़ों और प्रक्रियाओं से भी मुक्ति मिलती है।