World IVF Day 2025 : हर साल 25 जुलाई को क्यों खास है World IVF Day?

World IVF Day 2025  : विश्व आईवीएफ दिवस हर साल 25 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन उन सभी लोगों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आता है जो माँ बनने या पिता बनने का सपना देखते हैं, लेकिन उसमें कामयाब नहीं हो पाते।

जी हाँ, आईवीएफ यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन चिकित्सा विज्ञान का एक ऐसा अद्भुत उपहार है, जिसने लाखों दंपत्तियों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है, लेकिन आज इस लेख में आप डॉ. श्वेता मित्तल गुप्ता (सह-निदेशक और वरिष्ठ प्रजनन विशेषज्ञ, सर गंगा राम अस्पताल) से आईवीएफ के साथ-साथ एक और महत्वपूर्ण मुद्दे के बारे में जानेंगे, जो है – एग फ्रीजिंग!

एग फ्रीजिंग क्या है?

एग फ्रीजिंग का मतलब है अंडों को उनकी स्वस्थ अवस्था में निकालकर भविष्य के लिए सुरक्षित रखना। जब महिला माँ बनने के लिए तैयार हो जाती है, तब इन अंडों का इस्तेमाल किया जा सकता है। आपको बता दें, यह प्रक्रिया आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) का एक हिस्सा है।

एग फ्रीजिंग के बारे में किसे सोचना चाहिए?

महिलाएँ न केवल चिकित्सीय कारणों से, बल्कि कई सामाजिक और व्यक्तिगत कारणों से भी इसे चुन सकती हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि महिलाओं को इन स्थितियों में एग फ़्रीज़िंग पर विचार करना चाहिए:

जिनके परिवार में समय से पहले रजोनिवृत्ति का इतिहास रहा हो।

जिनको एंडोमेट्रियोसिस या कोई स्व-प्रतिरक्षित रोग हो।

जिनका कैंसर का इलाज चल रहा हो।

या जो मानसिक, भावनात्मक या सामाजिक रूप से माँ बनने के लिए तैयार न हों।

एग फ़्रीज़िंग कब करवानी चाहिए?

सबसे अच्छा समय 30 साल की उम्र से पहले या ज़्यादा से ज़्यादा 35 साल की उम्र तक है। इस उम्र में अंडों की गुणवत्ता और मात्रा दोनों अच्छी होती हैं, जिससे भविष्य में गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है। हालाँकि, 35 के बाद भी एग फ़्रीज़िंग संभव है, लेकिन उम्र के साथ अंडों की गुणवत्ता कम होती जाती है, जिससे सफलता की संभावना कम हो सकती है।

भारत में सोच बदल रही है

कुछ साल पहले तक, एग फ़्रीज़िंग के बारे में बात करना भी असामान्य था। लेकिन अब स्थिति बदल रही है, खासकर शहरी इलाकों में। महिलाएं अपने प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति पहले से कहीं ज़्यादा जागरूक हो रही हैं और समय रहते सवाल पूछ रही हैं। अब महिलाएं डॉक्टर के पास सिर्फ़ तब नहीं जातीं जब वे माँ बनना चाहती हैं, बल्कि तब भी जाती हैं जब वे अभी माँ नहीं बनना चाहतीं।

इस बात का ध्यान रखें

ज़रूरी बात यह है कि एग फ़्रीज़िंग इस बात की गारंटी नहीं है कि भविष्य में गर्भधारण ज़रूर होगा, लेकिन यह एक वैज्ञानिक सुरक्षा कवच ज़रूर है, जो समय के साथ आपके जीवन के फ़ैसलों को थोड़ा आसान बना सकता है।

विशेषज्ञ कहते हैं, “30 की उम्र में एग फ़्रीज़ करवाना और कभी इसकी ज़रूरत न पड़े, बजाय इसके कि 38 की उम्र में पछताऊँ और कहूँ – काश मैंने यह पहले कर लिया होता।”

अपने फ़ैसलों की मालिक खुद बनें

एग फ़्रीज़िंग एक ऐसा विकल्प है जो महिलाओं को अपने शरीर और भविष्य की प्रजनन क्षमता के बारे में ख़ुद फ़ैसले लेने का अधिकार देता है। यह उन सभी महिलाओं के लिए एक उम्मीद है जो मानती हैं कि हर चीज़ का अपना सही समय होता है।

जी हाँ, अगर आप या आपके आस-पास की कोई भी महिला ज़िंदगी के इस दोराहे पर खड़ी है, तो एक बार किसी विशेषज्ञ से ज़रूर सलाह लें। हो सकता है कि यह जानकारी आज नहीं तो कल किसी की ज़िंदगी बदल दे।

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